बवासीर कै लक्षण | bawasir ky lakchan




आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है। लेकिन कई बार हम इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं जो बाद में हमारे लिए बड़ी समस्याओं का कारण बन जाता है। बवासीर भी इसी तरह की समस्याओं में से एक है। इससे जूझने वालों को अक्सर शर्मिंदगी और हद से ज्यादा दर्द सहना पड़ता है। इसलिए, इस समस्या को ध्यान में रखकर इसके उपचार की जानकारी होना बहुत ज़रूरी है। और इस वीडियो में जितनी भी जानकारियां दूंगा वह सब इस आयुर्वेदिक की किताब से दुगा






तो हेलो दोस्तो कैसे हैं आप लोग मैरा नाम है विवेक कुमार शर्मा और आज की इस वीडियो में हम बात करै गै बवासीर के कुछ होम remides कै बारे मै जो आपके घर के किचन में ही मिल जाएंगे तो .


बवासीर का इलाज बहुत सामान्य होता है। पहले, इस समस्या के लक्षणों को समझना बहुत ज़रूरी है ताकि सही उपचार कराया जा सके। इसके उपचार के लिए दवाइयों के साथ-साथ आहार व्यवस्था और व्यायाम भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। लेकिन अगर यह ज्यादा हो गया हो तो इसका ऑपरेशन भी करना पड़ सकता है.




बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स (Piles) भी कहा जाता है और यह रोग मुख्यतः कब्ज के कारण होता है। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत लम्बे समय तक रहती है। उनको मुख्यतः यह रोग होता है। अत्यधिक बैठे रहने से भी यह रोग होता है। बवासीर दो तरह के होते हैं। 1) खूनी बवासीर, 2) बादी बवासीर। इस रोग में मल बहुत कठिनाई से निकलता है और मल के साथ खून भी निकलता है। इसमें गुदा के अंदर या बाहर गांठें बन जाती हैं जो दर्द और असहनीयता का कारण बनती हैं। अत्याधिक तीखा, मसालेदार और चिकना भोजन करने से यह रोग बढ़ता है। इसलिए बवासीर वाले रोग को खाने में हरी सब्जी और सलाद का प्रयोग अधिक करना चाहिए तथा तीखे मसाले और अत्याधिक खट्टी चीजों का उपयोग नहीं करना चाहिए।




बात करै इसकी घेरेलु उपाय की तो इसमें आवला
बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए आँवले का चूर्ण एक तोला सुबह-शाम शहद के साथ लेने पर बवासीर में लाभ मीलता है। और साथ ही साथ आँवले का चूर्ण दही के साथ खाने पर आराम मिलता है।

मूली का रस काला नमक डालकर पीने से भी आराम मिलता है।
10 ग्राम त्रिफला चूर्ण शहद के साथ चाटें। इसे आराम मिलेगा।


एक चम्मच मैथी के बीजों को पीसकर 300 मल बकरी के दूध में औटायें। इसमें एक चम्मच पिसी हल्दी और एक चुटकी काला नमक भी मिला दें और दूध ठंडा होने के बाद सेवन करें। बीमारी में लाभ अवश्य मिलेगा।

प्रतिदिन सुबह खाली पेट तीन-चार पके हुये बीज वाले अमरूद खाने से बवासीर में कॉफी लाभ मिलता है।

सुबह-शाम बकरी का दूध पीने से बवासीर में काफी लाभ मिलता है।

करेले का रस और मिश्री मिलाकर लेने से बवासीर में लाभ होता है।


काशीफल का रस सभी तरह के बवासीर में लाभदायक होता है।


शाम को एक केले में चने के दाने के बराबर कपूर टुकड़े-टुकड़े करके दबा दें और सुबह उठते ही उस केले को खा लें।

इसके कुछ लैप भी आते हैं अगर आप हमें सपोर्ट करेंगे तो हम उस लेप के बारे में भी एक वीडियो बना कर बता देंगे। हम इस वीडियो को यही रखते हैं नहीं तो यह वीडियो काफी लंबा हो जाएगा।

बवासीर या हेमोरोइड पर यह वीडियो देखने के लिए आपका धन्यवाद। हम उम्मीद करते हैं कि इस वीडियो में दी गई जानकारी उपयोगी और सूचनापूर्ण साबित हुई होगी। अगर आपके पास कोई अतिरिक्त प्रश्न या चिंताएं हैं, तो कृपया कमेंट बॉक्स में लिखने में संकोच न करें। अगर आपको यह वीडियो सहायक लगा हो तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें। फिर से देखने के लिए धन्यवाद।

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